23 जुलाई, 2018 को, राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय अध्यादेश, 2018 को प्रतिस्थापित करने के लिए, खेल एवं युवा मामले मंत्राी राज्यवर्द्धन सिंह राठौर द्वारा एक विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया गया। संसद के दोनों सदनों ने अगस्त 2018 तक विधेयक को पारित कर दिया। 17 अगस्त, 2018 को इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ अधिसूचित कर दिया गया।

यह अधिनियम इंफाल (मणिपुर) में देश के प्रथम राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रावधान करता है जो खेल शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रदान करेगा। यह अधिनियम विश्वविद्यालय को निम्नलिखित कार्यों हेतु शक्ति प्रदान करता हैः (i) अध्ययन पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अनुशंसित करना; (ii) डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट प्रदान करना; (iii) दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के माध्यम से सुविधा प्रदान करना; और (iv) कॉलेज या संस्थान को स्वायत्त दर्जा प्रदान करना।

शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान के संबंध में शोध, विकास एवं ज्ञान प्रदान करना; शारीरिक शिक्षा और खेल प्रशिक्षित कार्यक्रमों को सुदृढ़ करना; प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्रदान करना ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के रूप में उभर सकें।

अधिनियम विश्वविद्यालय के तहत् विभिन्न प्राधिकारियों का प्रावधान करता है। इसमें कोर्ट, कार्यकारी परिषद्, अकादमिक एवं एक्विटी परिषद्, बोर्ड ऑफ स्पोर्टस स्टडीज इत्यादि शामिल हैं। विश्वविद्यालय का एक कोष होगा जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार, और फीस तथा अन्य स्रोतों से प्राप्त धन (अनुदान एवं उपहार) शामिल होगा। विश्वविद्यालय के सभी धन को वित्त समिति की अनुशंसाओं के अनुसार बोर्ड के निर्णय से निवेशित किया जाएगा।

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