नॉर्डिक देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भारत के स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन किया है। उन्होंने सदस्यता के लिए भारत को एक सशक्त उम्मीदवार बताया।

* पहले इंडो-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में एक साझा वक्तव्य जारी किया गया जिसमें प्रधानमंत्राी नरेंद्र मोदी के साथ पांच नॉर्डिक देशों स्वीडन, डेनमार्क, आइसलैंड, नॉर्बे, फिनलैंड के नेताओं ने शिरकत की तथा संयुक्त राष्ट्र में अपने समर्थन को दोहराया तथा 21वीं सदी की वास्तविकताओं के अनुसार इस वैश्विक संस्था को अधिक उत्तरदायी बनाने के लिए किए जाने वाले संशोधनों के प्रति अपना समर्थन दोहराया।

* संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि नॉर्डिक देशों ने इस बात से सहमति जताई कि भारत संशोधित एवं विस्तारित सुरक्षा परिषद् के लिए एक सशक्त उम्मीदवार है। नॉर्डिक देशों ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भी भारत की सदस्यता की दावेदारी का स्वागत किया।

* भारत तथा नॉर्डिक देश वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक विकास, नवाचार तथा जलवायु परिवर्तन पर सहयोग करने के लिए सहमत हुए।

* भारत ने नॉर्डिक देशों के साथ सहयोग को अधिक सुदृढ़ करने का निर्णय किया।

* सम्मेलन में स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री समाधान, बंदरगाह आधुनिकीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, जीवन विज्ञान और कृषि पर भी चर्चा हुई।

* सम्मेलन में कहा कि भारत तथा नॉर्डिक देशों की अनूठी क्षमता व्यापार तथा निवेश के विविधकरण और आपसी लाभ के लिए सहयोग की अपार अवसर की पेशकश करता है।

* सम्मिलित देशों ने कहा कि नवाचार तथा डिजिटल परिवर्तन के कारण इस संबद्ध विश्व में विकास होगा तथा उन्होंने माना कि कट्टरता तथा आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने बड़ी चुनौती के रूप में खड़ा है।

 

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