23-25 मई, 2018 को पाकिस्तान ने पहली बार शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्यों के साथ आतंक रोधी बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में एससीओ के एंटी टेररिस्ट स्ट्रक्चर (एससीओ-रैट्स) में भारत ने भी हिस्सा लिया। इस बैठक को पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद समाप्त करने के प्रयास के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण माना गया। इस बैठक में मुख्यतः आतंकवाद को झेल रहे इस क्षेत्रा के विषय पर तथा आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए एक-दूसरे का किस प्रकार से सहयोग कर सकते हैं, पर विचार-विमर्श किया गया। पाकिस्तान में आयोजित बैठक के मुख्य बिंदु
* इस बैठक में चीन, भारत, पाकिस्तान, रूस, कजाकिस्तान, किरगिस्तान, तजाकिस्तान तथा उज्बेकिस्तान सम्मिलित हुए। ये देश शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य हैं।
* इस बैठक में पाकिस्तान ने कहा कि उसने आतंकवाद की लड़ाई में अपना बहुत कुछ खोया है। किसी धर्म या देश को आतंकवाद से जोड़ना गलत है।
* चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि भारत तथा पाकिस्तान के प्रवेश से एससीओ की शक्ति में बढ़ोत्तरी हुई है। इस संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है क्षेत्राीय सुरक्षा तथा स्थिरता।
एससीओ के सदस्य आतंकवाद, अलगाववाद तथा अतिवाद तीन बुरी ताकतों से डटकर मुकाबला कर रहे हैं।