भारत के प्रधानमंत्राी नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल, 2018 को ब्रिटेन की यात्रा की। दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर व्यापक और रचनात्मक विचार-विमर्श किया। इस यात्रा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जो कि इस प्रकार हैं
* दोनों देशों ने यह निर्णय किया कि ज्ञान साझा किया जाएगा, अनुसंधान में सहयोग किया जाएगा तथा अपने विश्व स्तरीय नवाचार समूहों के बीच साझेदारी बनाई। उच्च स्तर की नौकरियों के अवसर उत्पन्न किए जाएंगी।
* आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, स्वच्छ विकास, स्मार्ट शहरीकरण तथा भविष्य की गतिशीलता को बढ़ावा दिया जाएगा।
* प्रौद्योगिकी साझेदारी के अंतर्गत ब्रिटेन में ब्रिटेन-भारत तकनीकी केंद्र स्थापित किया जाएगा जो कि उच्च तकनीक कंपनियों को साथ लाकर निवेश और निर्यात के अवसर तैयार करेगा।
* दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तथा स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए पारस्परिक रूप से देशों को स्वच्छ तथा सुरक्षित बनाने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्रा में अपने संबंधों को और सुदृढ़ करेंगे।
* दोनों देश साझा पूरक क्षमताओं के माध्यम से व्यापारिक साझेदारी को एक नया रूप देने पर सहमत हुए जिससे परस्पर व्यापार के लिए नई व्यवस्था विकसित की जा सके।
* यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के निकल जाने के बाद दोनों ही देश यह सुनिश्चित करेंगे कि समझौते को भविष्य में भी जारी रखने के प्रयास किए जाएं।
* पिछले दस वर्षों में ब्रिटेन भारत में जी-20 का सबसे बड़ा निवेशक देश रहा है, जबकि भारत ब्रिटेन में परियोजनाएं स्थापित करने के मामले में चौथा सबसे बड़ा देश रहा है। दोनों पक्ष साझी उन्नति के लिए सीईओ फोरम सहित व्यापार हितधारकों की पहलों को समर्थन देंगे।
* दोनों पक्षों के बीच वित्तीय सेवाओं के सहयोग को तकनीकी सहायता से बढ़ाया जाएगा जिससे दिवालियापन, पेंशन तथा बीमा क्षेत्रा के बाजारों को विकसित किया जा सके।
* दोनों देश स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के विकास तथा उनकी लागत को क्षमता-निर्माण, प्रौद्योगिकी नवाचार, व्यापार और निवेश के माध्यम से कम करने के लिए एक-दूसरे को सहयोग देने के लिए सहमत हुए।
* स्वास्थ्य क्षेत्रा में भी दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है (भारत के जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा ब्रिटेन के कैंसर रिसर्च ने 10 मिलियन पौंड की लागत से दोनों देशों में द्विपक्षीय अनुसंधान शुरू किया जाएगा जो कि कम लागत वाले उपचार केंद्रों पर किया जाएगा।
* सुरक्षा प्रणाली को उन्नत बनाने के लिए प्रौद्योगिकी, क्षमताओं और उपकरणों को दोनों देश साझा करेंगे, भारत के समुद्री नौवहन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
* साइबर स्पेस में सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा तथा स्थायित्व को बढ़ावा देने के लिए परस्पर सहयोग को सुदृढ़ किया जाएगा।
* दोनों पक्षों के नेताओं ने लश्कर-ए-तयैबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन, हक्कानी नेटवर्क, अलकायदा, आईएसआईएस तथा उनसे संबंधित अन्य संगठनों के विरुद्ध ठोस तथा निर्णायक कार्रवाही के लिए परस्पर सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई।