महाराष्ट्र सरकार ने एक सरकारी प्रस्ताव जारी किया है जिसमें नागरिकों को हर सोमवार दो घंटे के लिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) के अंतर्गत राज्य भर में जिला स्तर के कार्यालयों और स्थानीय निकायों में रिकॉर्ड का निरीक्षण करने की अनुमति दी गई है।
इस कदम उद्देश्य सूचना तक पहुंच को आसान बनाना, महाराष्ट्र राज्य सूचना आयोग में लंबित अपीलों की बढ़ती संख्या को रोकना एवं सूचना को अस्वीकार करने या रोकने पर निगरानी करना है। भारतमें सूचना प्राप्ति गोपनीयता अधिनियम 1923 और कई अन्य विशेष कानूनों द्वारा प्रतिबंधित है।
सूचना के अधिकार अधिनियम का मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना, सरकार के कामकाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना,तथा भ्रष्टाचार को रोकना है।
अधिनियम के प्रावधानों के तहत, भारत का कोई भी नागरिक सरकार, उसके विभागों और उसके अंतर्गत आने वाले निकायों से जानकारी का अनुरोध कर सकता है, जिसे सरकार को तीस दिनों के भीतर जवाब देने की आवश्यकता होती है।
अधिनियम में प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण को अपने रिकॉर्ड को कम्प्यूटरीकृत करने की भी आवश्यकता होती है ताकि नागरिकों को औपचारिक रूप से जानकारी सरलता से प्राप्त हो सके ।