केंद्र सरकार ने 21 जुलाई, 2018 को छात्रों में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने के उद्देश्य से छात्रा पुलिस कैडेट (एसपीसी) कार्यक्रम शुरू किया। यह कार्यक्रम बुजुर्गों के प्रति सम्मान, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी एवं पुलिस-छात्रा परस्पर संपर्कों के माध्यम से छात्रों में मूल्यों को समावेशित कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करेगा।

एसपीसी कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को एक माह में मात्रा एक कक्षा में ही भाग लेना होगा और साथ ही इन कक्षाओं के लिए उन्हें बाध्य नहीं किया जा सकता। छात्रों द्वारा ‘छात्रा पुलिस कैडेट’ कक्षाओं में भाग लेने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। इन कक्षाओं में 2 महत्वपूर्ण विषयों—अपराध निवारण और नियंत्राण तथा मूल्य और नैतिकता—को शामिल किया जाएगा।

अपराध निवारण और नियंत्राण के विषयाधीन कम्युनिटी पुलिसिंग, सड़क सुरक्षा, सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध मुकाबला, महिला एवं बाल सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई और आपदा प्रबंधन शामिल हैं जबकि मूल्य और नैतिकता के विषयाधीन बड़ों का आदर, सहानुभूति एवं सद्भाव, सहिष्णुता, धैर्य, दृष्टिकोण, टीम भावना एवं अनुशासन आते हैं।

पुलिस शोध एवं विकास ब्यूरो (बीपीआर एंड डी) ने एनसीईआरटी के समर्थन से निर्देश जारी करने के लिए एक पुस्तिका तैयार की है। सरकार फील्ड डेमोन्स्ट्रेशन पर विशेष बल देगी। इसके अतिरिक्त, छात्रों को पुलिस के कार्यों को समझने के लिए महिला पुलिस स्टेशनों, एनजीओ, ट्रैफिक पुलिस और अग्निशमन स्टेशनों, बाल संरक्षण ग्रहों में जाने की अनुमति दी जाएगी।

केंद्र सरकार पहले ही ‘छात्रा पुलिस कैडेट’ कार्यक्रम को सफलतापूर्वक कार्यान्वित करने के लिए राज्यों को 67 करोड़ रुपए आबंटित कर चुकी है। प्रत्येक स्कूल को शैक्षणिक सहायता, प्रशिक्षण और आकस्मिकता के लिए 50,000 रुपए आबंटित किए गए हैं। केंद्र सरकार सर्वप्रथम एसपीसी कार्यक्रम को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूल में लागू करेगी।

उल्लेखनीय है कि ‘छात्रा पुलिस कैडेट’ कार्यक्रम पहले केरल और गुजरात राज्य में एक पायलट परियोजना के रूप में चलाई जा रही थी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सभी हितधारकों, शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों, पुलिस एवं अधिकारियों से इसमें उत्साहपूर्वक भाग लेने तथा एसपीसी को एक मिशन मोड में निष्पादित करने की अपील की गई है। एसपीसी आरंभ में सरकारी विद्यालयों और बाद में सभी विद्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा। इसके अंतर्गत 4 करोड़ छात्रा शामिल होंगे। एसपीसी कार्यक्रम पुलिस और लोगों के बीच के अंतर को कम करेगा और साथ ही अपराधों को कम करने में मदद मिलेगी।

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