जुलाई 2016 में भारत-ओमान के बीच आठवीं संयुक्त आयोग बैठक आयोजित की गई। दोनों देशों ने आधिकारिक मेल-जोल, नागरिकों से नागरिकों के बीच मेल-जोल तथा निजी क्षेत्रों की पहलों के अलावा अन्य बहुत से क्षेत्रों में सहयोग हेतु प्रतिबद्धता जताई।
इस बैठक में बातचीत के मुख्य बिंदु थे—अंतरिक्ष के क्षेत्रा में सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा, स्टार्ट-अप, एसएमई, खाद्य सुरक्षा तथा टिकाऊ खाद्य पदार्थ तथा पैकेजिंग, सेवा क्षेत्रा, पर्यटन क्षेत्रा, विचारों का आदान-प्रदान तथा युवा उद्यमियों की यात्रा।
ओमान की सल्तनत तथा भारत खाड़ी में एक-दूसरे के रणनीतिक भागीदार हैं तथा दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। सुदृढ़ सांस्कृतिक तथा आर्थिक आदान-प्रदान इन संबंधों को अधिक गहरा करते हैं। भारत तथा ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार में वर्ष 2014-15 में 4131.69 यूएस डॉलर से वर्ष 2017-18 में 6703.76 मिलियन यूएस डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई। भारत से होने वाले निर्यात में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
वर्तमान समय में भारतीय बहुत बड़ी संख्या में ओमान में निवास करते हैं तथा विभिन्न कार्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। भारतीय सरकार ने अप्रवासी भारतीयों को जिन्होंने भारत तथा ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने में योगदान दिया, अप्रवासी भारतीय सम्मान अवार्ड प्रदान किए। अप्रवासी भारतीयों के साथ-साथ बहुत-से वित्तीय संस्थान जैसे कि एसबीआई, एचडीएफसी लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज तथा अन्य संस्थान जैसे एयर इंडिया, लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन, न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, टेलिकम्यूनिकेशन कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड, इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड तथा नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी भी ओमान में स्थित हैं। भारतीय कंपनियों ने ओमान के कई क्षेत्रों जैसे कि सीमेंट, खाद, टेक्सटाइल, केबल्स, कैमिकल्स तथा ऑटोमोटिव में भी निवेश किया है।