1 अगस्त, 2018 को भारत तथा जर्मनी के बीच सतत् शहरी विकास तथा नवीकरणीय ऊर्जा के परिप्रेक्ष्य में वित्तीय तथा तकनीकी सहयोग पर समझौता हुआ। वर्ष 2017 में जर्मनी ने भारत-जर्मन अंतर-सरकारी वार्ता के दौरान भारत के साथ विकास में सहयोग के लिए लगभग 8,500 करोड़ यूरो देने का वचन दिया था।
इस सहयोग की प्राथमिकता नवीकरणीय ऊर्जा का क्षेत्रा है। यह ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में भी सहायता करेगा तथा भारत को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायक होगा। यह समझौता स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा शहरी गतिशीलता के प्रचार में सतत् शहरी विकास में सहयोग पर केंद्रित है। फरवरी 2018 में आवास मंत्रालय तथा शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्रालय तथा जर्मन विकास एजेंसी (जीआईजेड) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे शहरी आधारभूत सेवाओं तथा चुनिंदा शहरों में आवास तथा भारत के स्मार्ट शहरों में आवास प्रदान करने के लिए अवधारणाओं को विकसित किया जा सके।