16 अगस्त, 2018 को अमेरिका ने ईरान के साथ संबंधों को बेहतर बनाने हेतु ईरान एक्शन ग्रुप (आईएजी) की स्थापना करने की घोषणा की। यह घोषणा मई 2018 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तेहरान के साथ बहुराष्ट्रीय परमाणु संधि से अलग होने की घोषणा के बाद की गई।

परमाणु संधि से अलग होने के बाद प्रशासन ने वो सभी प्रतिबंध दोबारा लगा दिए हैं जो कि संधि के दौरान कम कर दिए गए थे तथा अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है जिससे ईरान उन सभी कार्यों को बंद कर दे जिन्हें क्षेत्रा के लिए अमेरिका द्वारा अनिष्टकर गतिविधियां कहा जाता है। इसके साथ ही अमेरिका ईरान की आलोचना करता रहा है क्योंकि ईरान सीरिया के राष्ट्रपति, शिया विद्रोही तथा इजरायल विरोधी दलों  का समर्थन करते हैं। अमेरिका ने ईरान में होते मानवाधिकार हनन के रिकॉर्ड की आलोचना की तथा वह अन्य राष्ट्रों के साथ मिलकर ईरान से होने वाले तेल आयात को कम करने पर कार्य कर रहा है।

अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के तेल के खरीदारों को चेतावनी दी है कि यदि खरीदारों ने अपने आयात को पूर्णतः बंद करने के प्रयत्न के साथ आयात में भारी कमी ना की तो खरीदारों को भी कई प्रतिबंध झेलने पड़ेंगे। अमेरिका ने यूरोपीय देशों के व्यापारों तथा सरकारों को भी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन किया गया तो ऐसा करने वाले पर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

अमेरिका के अनुसार, आईएजी के गठन का मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन के व्यवहार में परिवर्तन करना तथा यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिकी विदेश विभाग ईरान के अंतःक्रिया भागीदारों के साथ मेल-जोल बनाए रखे। यह समूह उन देशों के साथ भी संबंधों को बेहतर बनाने का प्रयास करेगा जो अमेरिका की ही तरह ईरान के खतरे को भली-भांति समझते हैं।

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