12 मई, 2018 यूनिसेफ (यूनाइटेड नेशन्स इंटरनेशनल चिल्ड्रंस इमरजेंसी फंड) ने एक रिपोर्ट ‘ब्रेस्ट फीडिंगः ए मदर्स गिफ्ट, फॉर एवरी चाइल्ड’ (स्तनपानः प्रत्येक बच्चे के लिए मां का उपहार) जारी की जिसके अनुसार, लगभग 7.6 मिलियन बच्चे प्रतिवर्ष स्तनपान से वंचित रह जाते हैं। यद्यपि यह एक तथ्य है कि स्तनपान जीवन रक्षक है और मां तथा बच्चे को बहुत-सी खतरनाक बीमारियों से बचाता है तथा एक बेहतर बौद्धिक तथा शैक्षिक परिणाम वाले जीवन की ओर ले जाता है, उच्च आय वाले 21 प्रतिशत बच्चों को कभी स्तनपान नहीं कराया जाता जबकि मध्यम तथा निम्न आय वाले देशों में यह दर 4 प्रतिशत है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदुः * निम्न तथा मध्यम आय वाले देशों में बच्चे कम से कम एक बार स्तनपान करते हैं जैसे कि भूटान (99 प्रतिशत), मैडागास्कर (99 प्रतिशत) और पेरू (99 प्रतिशत) जबकि आयरलैंड (55 प्रतिशत), यूनाइटेड स्टेट्स (74 प्रतिशत) तथा स्पेन में (77 प्रतिशत) बच्चे ही स्तनपान करते हैं।

* केवल अमेरिका में ही ऐसे बच्चों की संख्या का 21 प्रतिशत (2.6 मिलियन) का एक-तिहाई भाग है जो कभी भी स्तनपान नहीं करते।

* निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के देशों में धन की असमानता दर्शाती है कि एक मां अपने बच्चे को कितने लंबे समय तक स्तनपान करा सकती है।

* जो बच्चे निर्धनतम परिवारों से हैं उनमें बच्चों को संपन्न परिवारों के बच्चों की तुलना में 1.5 गुना अधिक समय तक स्तनपान प्राप्त हो पाता है जो कि लगभग 2 वर्ष का समय है।

* बहुत-से ऐसे देश हैं जैसे कि भारत तथा ताईवान जो कि ऐसी योजनाएं लागू कर रहे हैं जो कि स्तनपान को बढ़ावा दें, जबकि तुर्कमेनिस्तान, न्यूजीलैंड तथा श्रीलंका में मां बेबी फ्रेंडली अस्पतालों में बच्चों को जन्म देती हैं।

* देशों की सरकारों द्वारा की गई पहलों के अलावा ऐसे अन्य कारण भी हैं जो कि स्तनपान के औसत पर प्रभाव डालते हैं जैसे कि पिता, परिवार, नियोक्ता तथा समुदाय द्वारा किया गया समर्थन।

स्तनपान से जुड़े तथ्यः स स्तनपान से वार्षिक रूप से 82,00,00 बच्चों से अधिक के जीवन की रक्षा होती है, विशेषकर 6 माह से कम आयु के बच्चों की।

* स्तन कैंसर से होने वाली 20,000 मौतों को रोका जा सकता है

* स्तनपान आई क्यू को 3 से 4 अंक तक बढ़ाता है।

* प्रसव के पश्चात् होने वाले अवसाद, ओवेरियन तथा ब्रेस्ट कैंसर, हृदय रोग तथा टाईप टू डायबिटीज से मां की रक्षा करता है।

स्तनपान प्रोत्साहन के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा किए गए प्रयासः यूनिसेफ ने ‘एवरी चाइल्ड अलाइव’ नामक एक अभियान आरंभ किया जिसमें सरकारी, निजी क्षेत्रा तथा नागरिक संगठनों को बच्चों को दो वर्ष तक की आयु तक स्तनपान कराने के लिए लोगों को जागरूकता फैलाने के लिए आग्रह किया गया है। संयुक्त राष्ट्र वर्ष 1992 से स्तनपान को प्रोत्साहित करने के लिए ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ का आयोजन कर रहा है जो कि जीवन के प्रथम छह माह तक स्तनपान को प्रोत्साहित करता है।

भारत द्वारा स्तनपान प्रोत्साहन के लिए किए गए प्रयासः * 5 अगस्त, 2016 को एबसोल्यूट अफेक्शन फॉर प्रमोटिंग बेस्टफीडिंग कार्यक्रम स्तनपान प्रोत्साहन के लिए आरंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्तनपान प्रथा को बढ़ावा देना है।

* 5 दिसंबर, 2016 को स्तनपान सुरक्षा मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च की गई जिससे देश में अयोग्य बेबी फूड आइटम के प्रसार को रोका जा सके।

* मातृत्व लाभ कार्यक्रम के तहत् गर्भवती तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान किए जाते हैं।

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